ऐ मुसाफिर तू चल

  •   दोस्तों मैं बम बम आप सभी का स्वागत करता हूं मैं पिछले आर्टिकल में अपना इंट्रोडक्शन दिया हूं जो लोग हमारे इंट्रोडक्शन को नहीं पढ़े हैं, या फिर मैं कौन हूं और मैं क्या करता हूं नहीं जानते हैं तो आप जरूरी मेरा पिछला आर्टिकल को पढ़ें।
     विद्यार्थी का जीवन परिचय 

एक आईएएस ऑफिसर या फिर किसी बड़े कंपनी का मालिक क्यों ना हो, वह भी स्टूडेंट लाइफ से गुजरे होते हैं ,स्टूडेंट लाइफ क्या होता है उन्हें भी पता होता है, और आप भी जरूर स्टूडेंट होंगे या फिर स्टूडेंट लाइफ से गुजर चुके होंगे, हर स्टूडेंट अमीर नहीं होता। कुछ ऐसे स्टूडेंट होते हैं जो बहुत ही समान जाति के हुआ करते हैं ।
स्टूडेंट लाइफ में ऐसे मायने नहीं रखता है ,अमीर स्टूडेंट है आगे तक पहुंच पाएंगे अपने मंजिल तक पहुंच पाएंगे अभी के समय अनुकूल अधिक से अधिक निम्न जाति के स्टूडेंट ही बहुत आगे तक जा रहे हैं, क्योंकि जब भी देखा करते हैं एक आईएएस ऑफिसर बनता है कोई तो अक्सर वह किसी ठेला चलाने वाले का बेटा या बेटी, सब्जी बेचने वाले का बेटा, तो टूटी फूटी झोपड़ी में रहकर दूसरे के घर में पोछा लगाने का काम वाले का बेटा या फिर बेटी ही ऐसे मुकाम तक पहुँच रहा है।
                  
                 

  दोस्तों इसी पर मेरा एक छोटा सा कविता है,
यह कविता आपको आपकी मंजिल तक ले जाने में सहयोग करेगा तो इसे पूरा पढ़ें और ध्यानपूर्वक पढ़ें.......

      ऐ मुसाफिर तू चल मैं भी आऊंगा,
      तेरे पास तो बहुत ही रईसी है,
      लेकिन मेरे पास तो है अपने आप पर विश्वास नहीं ,
      डरता मैं किसी से चाहे धूप हो कि पहाड़,
      ऐ मुसाफिर तू चल मैं भी आऊंगा ।।

       बरसात गर्मी सर्दी तो आते रहती है,
       मैं कभी न करता किसी के रुकने का इंतजार,
      मैं ना कभी रुकता हूं ना कभी दौड़ता हूं ,
      क्योंकि मुझे अपने लक्ष्य पर है विश्वास,
      ऐ मुसाफिर तू चल मैं भी आऊंगा ।।

      लोग कितना कर ले मुझे पीछे करने का प्रयास,
      ना मैं सुनूगा किसी का आवाज ,
      चाहे भूख लगे या प्यास,
      क्योंकि मुझे अपने लक्ष्य पर है विश्वास,
      ऐ मुसाफिर तू चल मैं भी आऊंगा।।

हमारे कविता को पूरा पढ़ने के लिए आप को धन्यवाद और आप लोग कमेंट में जरूर बताएं कविता कैसा लगा आपको।

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